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Tuesday, March 20, 2012

निरंतर कह रहा .......: थोड़ा तुम आगे बढ़ो,थोड़ा मैं आगे बढूँ

निरंतर कह रहा .......: थोड़ा तुम आगे बढ़ो,थोड़ा मैं आगे बढूँ: मैं रात में   देर से सोता तुम कहती लाईट में नींद नहीं होती तुम भरती जोर के खर्राटे नींद मेरी भी उडती तुम पीती चाय ठंडी   मुझे गर्म चाय अच...

1 comment:

दिनेश पारीक said...

बहुत बढ़िया,बेहतरीन करारी अच्छी प्रस्तुति,..
नवरात्र के ४दिन की आपको बहुत बहुत सुभकामनाये माँ आपके सपनो को साकार करे
आप ने अपना कीमती वकत निकल के मेरे ब्लॉग पे आये इस के लिए तहे दिल से मैं आपका शुकर गुजर हु आपका बहुत बहुत धन्यवाद्
मेरी एक नई मेरा बचपन
कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: मेरा बचपन:
http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/03/blog-post_23.html
दिनेश पारीक