To subscribe By E mail

Enter your email address:

Click Here To Subscribe On Mobile

Monday, November 14, 2011

सच कहना


सच कहना चाहिए
पर प्रयत्न करना चाहिए
किसी के आत्मसम्मान को
ठेस नहीं पहुंचे
किसी को 
नीचा दिखाने के लिए
कहा गया सच
अपना महत्त्व खो देता है
समय और व्यक्ति की
मनोस्थिति का भी
ध्यान रखना चाहिए
सच कहते समय परिपेक्ष 
बताना भी अच्छा रहता है
14-11-2011-5
डा.राजेंद्र तेला,'निरंतर"
अजमेर (राजस्थान)

No comments: