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Monday, November 14, 2011

मित्र


मित्र एक 
आदर्श भ्राता होता है.
जो कभी 
छोटे कभी बड़े भ्राता का
कर्तव्य निभाता है 
वो इंसान भाग्यशाली है
जिसका कोई 
सच्चा मित्र होता है
सच्चा मित्र ही आपको
आपके सत्य से
अवगत करा सकता है
संत सिद्धार्थ ने कहा है
"सच्चा मित्र वही है,
जो भरपूर ईमानदारी से
आपके अहंकार को 
ठेस पहुँचाएं
फिर भी आप 
उसके साथ के लिये
अपने अंतर्मन में
इच्छा को जिंदा पाएं
बाकी सब तरह की मित्रताएं
अवसरवादी,सतही एवम
कम आयु की होती हैं"
डा.राजेंद्र तेला "निरंतर"
22-06-2011

2 comments:

सदा said...

बहुत ही बढि़या प्रस्‍तुति ...बधाई के साथ शुभकामनाएं ।

kanu..... said...

sach hai sacche mitra kam hote hai par jo hote hai wo baki sari kamiyon ko poora kar dete hain