Tuesday, March 20, 2012

निरंतर कह रहा .......: थोड़ा तुम आगे बढ़ो,थोड़ा मैं आगे बढूँ

निरंतर कह रहा .......: थोड़ा तुम आगे बढ़ो,थोड़ा मैं आगे बढूँ: मैं रात में   देर से सोता तुम कहती लाईट में नींद नहीं होती तुम भरती जोर के खर्राटे नींद मेरी भी उडती तुम पीती चाय ठंडी   मुझे गर्म चाय अच...

Sunday, March 18, 2012

Nirantar's.......: A sick thought

Nirantar's.......: A sick thought: A sick thought Reflects Agony of the heart Turmoil of the mind Smile far away Laughter forbidden Irritation in behaviour Becomes call of t...

Nirantar's.......: When somebody smiles?

Nirantar's.......: When somebody smiles?: When somebody smiles? Think before you Return the smile First, assess Why one is smiling If it is a sarcastic smile Forget it If your belo...

निरंतर कह रहा .......: यह कैसी परीक्षा है ?

निरंतर कह रहा .......: यह कैसी परीक्षा है ?: यह कैसी परीक्षा है जिस में शिष्य परीक्षक गुरु परीक्षार्थी है अनुभव की प्रतिष्ठा दांव पर है जिसने सिखाया वो अब गौण जिसने सीखा वो महान है स...

Nirantar's.......: Ultimately

Nirantar's.......: Ultimately: Ultimately What will happen? The day shall come When everybody shall be Turned into dust and air Nothing will remain Except the name That ...

Saturday, March 17, 2012

निरंतर कह रहा .......: लाचारी में

निरंतर कह रहा .......: लाचारी में: एक जोर की किलकारी गूंजी एक जान ने धरती पर आँखें खोली सड़क किनारे लेटी माँ की आँखें खुशी से नम हो गयी अगले ही पल खुशी हवा हो गयी सोचने लगी न...

निरंतर कह रहा .......: प्रकृती और पर्यावरण से मज़ाक कब बंद होगा

निरंतर कह रहा .......: प्रकृती और पर्यावरण से मज़ाक कब बंद होगा: चेहरे पर तनाव लिए खामोशी से सब अपनी परेशानियों से झूझ रहे आधी उम्र में पूरा दिख रहे  किसी को फ़िक्र नहीं हवा में धुएं का ज़हर बढ़ रहा खोल ...

Friday, March 16, 2012

निरंतर कह रहा .......: बोगेनवेलिया पुष्प तो बहुत सुन्दर होते तुम्हारे !

निरंतर कह रहा .......: बोगेनवेलिया पुष्प तो बहुत सुन्दर होते तुम्हारे !: बोगेनवेलिया पुष्प तो बहुत सुन्दर होते तुम्हारे लाल पीले सफ़ेद नारंगी और भी कई रंगों के दूर से ही लुभाते पास जाता हूँ तो कोई सुगंध नहीं पाता...

Thursday, March 15, 2012

निरंतर कह रहा .......: खोखली हँसी

निरंतर कह रहा .......: खोखली हँसी: पुरानी तसवीरें देखता हूँ सोच में डूब जाता हूँ उन हँसते हुए चेहरों को आसपास ढूंढता हूँ जो काल के गाल में समा गए कुछ चेहरे तो नहीं दिखते पर ...

निरंतर कह रहा .......: चेहरे

निरंतर कह रहा .......: चेहरे: मैंने देखे हैं   भांती भांती के चेहरे कुछ अपने में डूबे दुनिया से बेखबर फूल से कोमल कुछ चिंता से ग्रस्त दुखों के पहाड़ तले दबे हुए कुछ ऐसे ...

निरंतर कह रहा .......: कम से कम सुन तो लो

निरंतर कह रहा .......: कम से कम सुन तो लो: जो कह रहा हूँ कम से कम सुन तो लो बोलने से पहले ही बिना समझे ही उत्तर तो मत दो सब जानते हो मन में धारणा मत बनाओ बिना सोचे समझे प्रतिक्रया त...

निरंतर कह रहा .......: मुझे गलतफहमियों से बचाओ

निरंतर कह रहा .......: मुझे गलतफहमियों से बचाओ: इससे पहले की तुम सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ जाओ शिखर पर पहुँच कर मुझे पहचानो भी नहीं मेरा मन को व्यथित करो तुम्हारे बारे में मेरी धारणा बदल ज...

Wednesday, March 14, 2012

निरंतर कह रहा .......: जीवन को नीरस ना बनाओ

निरंतर कह रहा .......: जीवन को नीरस ना बनाओ: जीवन   को नीरस ना   बनाओ नीरस जीवन वैसा ही होता       जैसे बिना मुस्कान के होंठ बिना रौशनी के नयन बिना स्नेह के दिल बिना हरीतिमा के पृथ्वी...

अपनी भूल को स्वीकार करना


अपनी भूल को स्वीकार करना ,आने वाले कई कष्टों का निवारण कर सकता है,एक भूल को छुपाने में कई और गलतियां निश्चित रूप से होंगी ,पता चलने पर इंसान अपने आप को दूसरों की आँखों में तो गिराएगा ही,स्वयं भी अपराध बोध से ग्रस्त रहेगा.
14-03-2012

'' दुख और चुनौती ''


दुःख का आना ही एक चुनौती है,जीवन में कोई भी ऐसा नहीं होगा ,जिसका जीवन में दुखों से पाला नहीं पडा होगा यह जानना सबके लिए आवश्यक है
दुःख के समय में अपने को कैसे सुद्रढ़ बनाएं रखें,भावनाओं को कैसे नियंत्रण में रखें,मन को कैसे सुव्यस्थित रखें
परिस्थितियों के अनुसार दुखों से लड़ना सीखें.यह सब जानने और सीखने के लिए अनुभवी और परिपक्व मनुष्य से सहायता एवं मार्गदर्शन लेना चाहिए
दुःख के समय उत्तेजित होने या घबराने से उनका निवारण नहीं हो सकता है.
14-03-2012

निरंतर कह रहा .......: जितना हँस सकूँ,उतना हँस लूँ

निरंतर कह रहा .......: जितना हँस सकूँ,उतना हँस लूँ: अब थकने लगा हूँ ज़िन्दगी से डरने लगा हूँ क्या होगा आने वाले बरसों में डर से सहमने लगा हूँ क्यों बूढा होता इंसान निरंतर सोचता हूँ क्यों लौट...

Tuesday, March 13, 2012

निरंतर कह रहा .......: किसी का जीवन भी व्यर्थ नहीं जाता

निरंतर कह रहा .......: किसी का जीवन भी व्यर्थ नहीं जाता: नन्हा चूजा एक दिन बोला अपनी माँ से भगवान् ने चील को क्यों बनाया ? चील हमारी दुश्मन जान हमारी लेती माँ को समझ नहीं आया कैसे शांत करे चूजे क...

निरंतर कह रहा .......: पतझड़ में फिर ठूठ सा दिखूंगा तब भी मेरी तरफ देखना न...

निरंतर कह रहा .......: पतझड़ में फिर ठूठ सा दिखूंगा तब भी मेरी तरफ देखना न...: कई बार उस सड़क से निकलता था पहले कभी नज़र उस कचनार के पेड़ पर नहीं पडी जो आज फूलों से लदा हुआ आने जाने वालों को अपनी ओर आकृष्ट कर...

निरंतर कह रहा .......: धन वैभव का खुशी से कोई लेना देना नहीं होता

निरंतर कह रहा .......: धन वैभव का खुशी से कोई लेना देना नहीं होता: उसकी आँखें विशालकाय कोठी की तरफ उठ ही जाती थी जिसमें सजी धजी जेवरों से लदी मेमसाब रहती थी सफ़ेद झक वर्दी में ड्राइवरों के साथ कई गाडिया खडी...

निरंतर कह रहा .......: जीवन एक विशालकाय कैनवास

निरंतर कह रहा .......: जीवन एक विशालकाय कैनवास: जीवन एक विशालकाय कैनवास से कम नहीं  चित्रकार परमात्मा का अमिट सृजन सुख दुःख , हँसी खुशी , विपदा , विलाप , दया , क्रोध प्यार , इर्ष्या द्वेष ...

Monday, March 12, 2012

निरंतर कह रहा .......: सब्र के कपडे पहन ले ,मन में सहनशीलता ओढ़ लें

निरंतर कह रहा .......: सब्र के कपडे पहन ले ,मन में सहनशीलता ओढ़ लें: तुम कहो मैं सुनूँ जैसा चाहो वैसा करूँ नहीं मानूं तो तुम रूठ जाओ फिर मैं तुम्हें मनाऊँ मैं कहूं तुम सुनो जो चाहूँ वो करो नहीं करो...

Sunday, March 11, 2012

निरंतर कह रहा .......: परिस्थितियों के अनुसार

निरंतर कह रहा .......: परिस्थितियों के अनुसार: ना सूरज का पूरब से निकलना बदलता ना पश्चिम में ढलना बदलता बदलना पड़ता तो मनुष्य को बदलना पड़ता परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता समय के सामने ...

Saturday, March 10, 2012

निरंतर कह रहा .......: लोग पूंछते मुझसे,होली क्यों नहीं खेली?

निरंतर कह रहा .......: लोग पूंछते मुझसे,होली क्यों नहीं खेली?: लोग पूंछते मुझसे होली क्यों नहीं खेली ? मैं कहता हूँ तुम्ही बताओ मैं कैसे होली खेलूँ कैसे दीपावली मनाऊँ कोई समझाए मुझे जब गरीब के सर पर छत...

निरंतर कह रहा .......: ऐ मालिक तेरी इस दुनिया में क्यों तूने ऐसा किया ?...

निरंतर कह रहा .......: ऐ मालिक तेरी इस दुनिया में क्यों तूने ऐसा किया ?...: ऐ मालिक तेरी इस दुनिया में क्यों तूने ऐसा किया ? किसी को राजा किसी को  रंक बनाया एक भरे पेट को भर रहा दूसरा खाली पेट लिए तरस रहा एक पैदा होत...

निरंतर कह रहा .......: नन्ही चिड़िया ने पंख फैलाए

निरंतर कह रहा .......: नन्ही चिड़िया ने पंख फैलाए: नन्ही चिड़िया ने पंख फैलाए उमंग उत्साह से उड़ चली आकाश को नापने  पहुँच गयी ऊंचे पर्वत के पास बार बार प्रयत्न किया  सफलता से दूर रही पार ना कर...

Friday, March 9, 2012

निरंतर कह रहा .......: जीत का सेहरा

निरंतर कह रहा .......: जीत का सेहरा: मैं तो एक दिन दुनिया से चला जाऊंगा छोड़ जाऊंगा पीछे कुछ रिश्ते कुछ पैसे , कुछ सामान मेरा मकान जिस में मैं रहता हूँ रह जायेंगी कुछ यादें कुछ...

Thursday, March 8, 2012

निरंतर कह रहा .......: ज़िन्दगी क्या है ,कोई ना जाना अब तक

निरंतर कह रहा .......: ज़िन्दगी क्या है ,कोई ना जाना अब तक: ज़िन्दगी क्या है कोई ना जाना अब तक सबने अपने अपने अंदाज़ से देखा उसे अपनी अपनी निगाहों से पहचाना उसे   किसी ने नाम दिया ज़न्नत का किसी ने द...

Nirantar's.......: We keep on postponing

Nirantar's.......: We keep on postponing: The old door of the Out house made a Creaking sound Whenever somebody Opened or closed it Always reminding To take care of it Nobody Both...

निरंतर कह रहा .......: कामयाबी नहीं मिली तो रोना किस बात का

निरंतर कह रहा .......: कामयाबी नहीं मिली तो रोना किस बात का: कामयाबी नहीं मिली तो रोना किस बात का रोने से किसको मिला है जो तुम को मिलेगा उठो अब खड़े हो जाओ मुंह लटकाना बंद करो हँसते हुए कमर क़स लो मे...

Nirantar's.......: A woman

Nirantar's.......: A woman: A woman Is a mother A daughter & a wife The only one to play Three roles in one life Full of love & affection Concern & compassion Patien...

निरंतर कह रहा .......: घ्रणा और द्वेष कहाँ से आ जाता है

निरंतर कह रहा .......: घ्रणा और द्वेष कहाँ से आ जाता है: शहर में साम्प्रादायिक दंगों के बाद आज कर्फ्यू का तीसरा दिन था खाने को घर में दाना नहीं बेचने के लिए आढ़तिए से जो सब्जी खरीदी थी पड़े पड़े ...

Wednesday, March 7, 2012

निरंतर कह रहा .......: पहली बार जब चढ़ा था पर्वत पर कोई

निरंतर कह रहा .......: पहली बार जब चढ़ा था पर्वत पर कोई: पहली बार जब चढ़ा था पर्वत पर कोई हाथ उसके खाली थे ना कोई औजार ना कोई सहारा ना हथियार ना पैरों में जूते थे केवल लगन , होंसला हिम्मत उसके...

निरंतर कह रहा .......: भला किसी का अगर करते हो

निरंतर कह रहा .......: भला किसी का अगर करते हो: ये ना समझना भला किसी का अगर करते हो तो बहुत बड़ा काम करते हो भला किसी का करो तो खुद का भी भला होता है इश्वर प्रसन्न ह्रदय संतुष्ट मन तृप्...

Nirantar's.......: Arrogance v/s silence

Nirantar's.......: Arrogance v/s silence: To provoke him I ridiculed him Laughed at his clothes Made a mockery of His personality Made faces at him Said nasty things To hurt his fee...

Tuesday, March 6, 2012

निरंतर कह रहा .......: जब भावनाओं का मनुष्य पर नियंत्रण हो जाता

निरंतर कह रहा .......: जब भावनाओं का मनुष्य पर नियंत्रण हो जाता: जब भावनाओं का मनुष्य पर नियंत्रण हो जाता मन और ह्रदय आहत हो जाता निराशा छाने लगती , मन भटकने लगता क्रोध अपना रूप दिखाने लगता ना कुछ कहने क...

Nirantar's.......: The heart and the mind

Nirantar's.......: The heart and the mind: What is in the heart? Is different from What is in the mind? Comes Out of the mouth Well calculated And Designed According To the situatio...

Nirantar's.......: Nobody listens to anybody

Nirantar's.......: Nobody listens to anybody: Nobody listens To anybody Everybody thinks He knows the best Starts speaking Before hearing What The other person Is saying If he agrees H...

Nirantar's.......: Life is a pandora's box

Nirantar's.......: Life is a pandora's box: Some Say life is nothing But an unfulfilled dream I feel life is a Pandora’s box Full of all possible Combinations From expected To unexpe...

निरंतर कह रहा .......: कौन तुम्हारा साथ देगा?

निरंतर कह रहा .......: कौन तुम्हारा साथ देगा?: तुम अनजान हो तो क्या हुआ ? जान पहचान भले ही ना बढ़ाना ना चाहो तो दुबारा ना मिलना सफ़र में थोड़ी दूर तो मेरे साथ चलो थोड़ा सा हँस बोल लो कुछ ...

निरंतर कह रहा .......: धूल का छोटा सा कण

निरंतर कह रहा .......: धूल का छोटा सा कण: धूल का छोटा सा कण मेरी आँख में क्या पडा जान का बवाल बन गया आँख को पानी से धोया रुमाल से पौंछा पर धूल का छोटा सा कण अपनी जिद पर अड़ गया बहुत ...

Monday, March 5, 2012

निरंतर कह रहा .......: कहने को छोटी सी चिड़िया थी

निरंतर कह रहा .......: कहने को छोटी सी चिड़िया थी: एक एक तिनका जोड़ कर बनाया था नीड़ उसने बहुत परिश्रम से बसने से पहले ही हवा के तेज झोंके ने कर दिया बेसहारा उसे समझ ना पायी कैसे हो गयी घर ...

Nirantar's.......: The winner

Nirantar's.......: The winner: When one loses Hope A positive thought Revives it When one is full of Hope A negative thought Loses it When one is defeated If one thinks ...

Sunday, March 4, 2012

निरंतर कह रहा .......: मुझे अपना रोता हुआ चेहरा मत दिखाओ

निरंतर कह रहा .......: मुझे अपना रोता हुआ चेहरा मत दिखाओ: मुझे अपना रोता हुआ चेहरा मत दिखाओ शीशे में खुद को कई बार रोते हुए देख चुका हूँ मुझे अपनी व्यथा मत बताओ मैं अपनी व्यथा दुनिया को कई बार बता...

निरंतर कह रहा .......: संगत में कुछ तो सीख जाऊंगा

निरंतर कह रहा .......: संगत में कुछ तो सीख जाऊंगा: खुश हूँ कोई तो जानने लगा है मुझको ठीक से प हचानने लगा है मुझको जो भी कहता हूँ ध्यान से सुनता है चुप रहकर सर हिलाता है हाँ में हाँ ...

Saturday, March 3, 2012

निरंतर कह रहा .......: सत्य -असत्य

निरंतर कह रहा .......: सत्य -असत्य: तुम मुझसे सत्य सुनना चाहते मेरा सत्य जानना चाहते पर अपना सत्य बताना नहीं चाहते असत्य के आवरण में अपना सत्य छुपाना चाहते सत्य की अपेक्षा करना...

Friday, March 2, 2012

Nirantar's.......: Once one Knows himself

Nirantar's.......: Once one Knows himself: Once one Knows himself Knows humanity Knows the road to God’s house Do what he likes Finds Peace and solace In life Enmity and hate Is le...

Nirantar's.......: Once one Knows himself

Nirantar's.......: Once one Knows himself: Once one Knows himself Knows humanity Knows the road to God’s house Do what he likes Finds Peace and solace In life Enmity and hate Is le...

निरंतर कह रहा .......: जिसने खुद को जान लिया

निरंतर कह रहा .......: जिसने खुद को जान लिया: जिसने खुद को जान लिया इंसानियत को पहचान लिया खुदा की रज़ा को ज़िन्दगी में उतार लिया समझो खुदा के घर का रास्ता जान गया खुदा का नूर उस प...

निरंतर कह रहा .......: अपेक्षाओं के समुद्र में

निरंतर कह रहा .......: अपेक्षाओं के समुद्र में: अपेक्षाओं के समुद्र में गोता लगाना छोड़ दो जितनी गहरायी में जाओगे गंद साथ लाओगे अपेक्षाओं की थाह फिर भी कभी ना पाओगे मन की व्यथ...

Wednesday, February 29, 2012

Nirantar's.......: Age and experience always does not count

Nirantar's.......: Age and experience always does not count: You are much Younger to me in age Without much experience of life But in in any difficulty I look towards you I trust you I respect you ...

Sunday, February 26, 2012

निरंतर कह रहा .......: कितना पवित्र सकता है,मन का रिश्ता

निरंतर कह रहा .......: कितना पवित्र सकता है,मन का रिश्ता: मेरे ह्रदय में कोई और है तुम्हारे ह्रदय में कोई और मेरे तुम्हारे बीच केवल मन का रिश्ता है कोई बंधन नहीं फिर भी एक अटूट करार है तुम करोगी ...

निरंतर कह रहा .......: बदलता सोच

निरंतर कह रहा .......: बदलता सोच: सर्द पानी गर्मी में शरीर को राहत देता सर्दी में हड्डियां कंपकंपाता इंसान मौसम के अनुसार काम में लेता इंसान भी पसंद नापसंद बदलता रहता जो कल...

Saturday, February 25, 2012

निरंतर कह रहा .......: हँसमुखजी की कुछ ना कुछ कहने की आदत (हास्य कविता)

निरंतर कह रहा .......: हँसमुखजी की कुछ ना कुछ कहने की आदत (हास्य कविता): हँसमुखजी की कुछ ना कुछ कहने की आदत का सामना एक दिन मुझको भी करना पडा मुझ से बोले भाई निरंतर क्या आप निरंतर खाते हैं निरंतर बोलते हैं ,...

Nirantar's.......: Life does not stop

Nirantar's.......: Life does not stop: Life does not stop It goes on Either painfully Or Gallops happily Either smiling Or Crying Either in peace Or Turmoil The only difference ...

Nirantar's.......: When you doubt somebody

Nirantar's.......: When you doubt somebody: When you doubt Somebody You do not doubt A person You doubt ones Character Integrity and honesty Do not be hasty Think carefully Before you ...

निरंतर कह रहा .......: जिस पौधे में कलियाँ ना खिले वो किसे भाता ?

निरंतर कह रहा .......: जिस पौधे में कलियाँ ना खिले वो किसे भाता ?: जिस पौधे में कलियाँ ना खिले वो किसे भाता ? जो कली फूल बन कर ना खिले उसे कौन चाहता ? जो फूल रूप से नहीं लुभाए वो किसे अच्छा ल...

निरंतर कह रहा .......: हमने भी ठान ली हार नहीं मानेंगे

निरंतर कह रहा .......: हमने भी ठान ली हार नहीं मानेंगे: रुकावटें आती रहीं पथ से डिगाने की कोशिशें होती रही हमने भी ठान ली हार नहीं मानेंगे सब्र नहीं खोएंगे ज़ज्बा बनाए रखेंगे हिम्मत से लड़ेंगे थक...

निरंतर कह रहा .......: जब जहर पीते रहना है,घुट घुट कर जीना है

निरंतर कह रहा .......: जब जहर पीते रहना है,घुट घुट कर जीना है: जब जहर पीते रहना है घुट घुट कर जीना है कुछ करूंगा तो भी तोहमत लगेगी ना करूंगा तो भी तोहमत लगेगी हर बार गुनाहगार कहलाऊंगा खुद को ...

Friday, February 24, 2012

निरंतर कह रहा .......: छुप जाओगे समय की गहराईओं में एक दिन

निरंतर कह रहा .......: छुप जाओगे समय की गहराईओं में एक दिन: सूरज की तरह अस्त हो जाओगे एक दिन तुम उतर जाओगे शिखर से धरती पर तुम छुप जाओगे समय की गहराईओं में एक दिन क्यूं फिर इतना घमंड रखते हो बैर से ...

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -13

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -13: उम्मीद लोगों से उम्मीद नहीं करता हूँ नफरत का सामान इकट्ठा करने का शौक नहीं रखता हूँ ************* खुशी की चाह खुशी की चाह रखने से पहले खुश...

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -14

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -14: मध्यस्थ परमात्मा और इंसान के बीच पंडित मौलवी क्या उसे वाकई ज़रुरत किसी मध्यस्थ की मज़ाक लोग मज़ाक करना पसंद करते सह नहीं सकते मंजिल तक पह...

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -15

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -15: रोना हो रोना हो इंतज़ार करना हो ख्वाब देखना हो जागना हो परेशाँ रहना हो मोहब्बत कर लो इश्वर इश्वर संतुष्ट होता तो स्रष्टि की रचना नहीं करता...

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -16

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -16: जीना सोचता रहता हूँ जो मन कहता लिखता रहता हूँ निरंतर इसी तरह जीता जाता हूँ फर्क नींद खुल गयी सपना टूट गया क्या फर्क पडा वैसे भी टू...

Thursday, February 23, 2012

निरंतर कह रहा .......: चैन की मरीचिका

निरंतर कह रहा .......: चैन की मरीचिका: चैन अब मरीचिका समान हो गया है सामने दिखने लगता है आशा में दौड़ने लगता हूँ मिलने से पहले ही कोई व्यवधान बीच में आ जाता है चैन आँखों से ओझल...

Tuesday, February 21, 2012

Nirantar's.......: Do not kill your conscience

Nirantar's.......: Do not kill your conscience: What makes you think? Everybody should like you The greatest of the greats Were hated by some one They kept on Pursuing there good work Ac...

Sunday, February 19, 2012

Nirantar's.......: Every soul goes into oblivion

Nirantar's.......: Every soul goes into oblivion: Time spares nobody Big or small King or a pauper Every soul Goes into oblivion Every name is forgotten Remain hidden Never to be seen Than...

निरंतर कह रहा .......: इंसानियत का धर्म निभाता रहा

निरंतर कह रहा .......: इंसानियत का धर्म निभाता रहा: पठान के कपडे पहन हिन्दू का लड़का बाज़ार में निकल पडा मारो मारो को हल्ला सुना घबरा कर भाग पडा एक मुसलमान ने घर का दरवाज़ा खोला इशारे से उसे ...

निरंतर कह रहा .......: दौड़ेगा मन उधर ही जहां चैन मिलेगा

निरंतर कह रहा .......: दौड़ेगा मन उधर ही जहां चैन मिलेगा: दौड़ेगा मन उधर ही जहां चैन मिलेगा भागेगा ह्रदय उधर ही जहां प्यार मिलेगा याद उसी की आयेगी जो हँस कर बोलेगा चाहेगा उसी को जो सुनेगा उसकी व्य...

निरंतर कह रहा .......: जो भी मन चाहता था उसे मिल गया था

निरंतर कह रहा .......: जो भी मन चाहता था उसे मिल गया था: बूढा शरीर अस्वस्थ पीड़ा से त्रस्त दर्द के मारे बैठा नहीं जा रहा था पर आँखों में चमक मन खुश ह्रदय गदगद था दर्द का अहसास ही नहीं था ...

Saturday, February 18, 2012

निरंतर कह रहा .......: इंसानियत का धर्म निभाता रहा

निरंतर कह रहा .......: इंसानियत का धर्म निभाता रहा: हिन्दू का लड़का पठान के कपडे पहन बाज़ार में निकल पडा मारो मारो को हल्ला सुना घबरा कर भाग पडा एक मुसलमान ने घर का दरवाज़ा खोला इशारे से उसे अ...

निरंतर कह रहा .......: कौन इन्हें समझाएं?

निरंतर कह रहा .......: कौन इन्हें समझाएं?: इन आँखों ने देखे बेहद खूबसूरत नज़ारे कल कल करते झरने रंग बिरंगे फूल , ऊंचे सुन्दर पहाड़ भाँती भाँती के जानवर नयनाभिराम पक्षी फिर भी इनकी इच्...

निरंतर कह रहा .......: सफलता केवल चाहने से नहीं मिलती

निरंतर कह रहा .......: सफलता केवल चाहने से नहीं मिलती: सफलता केवल चाहने से नहीं मिलती कर्म के साथ मेहनत भी आवश्यक होती सफलता ना मिले तो सब्र भी रखनी होती असफलता का दोष दूसरों पर डालने की प्रवत्...

Nirantar's.......: Anger is one letter short of danger

Nirantar's.......: Anger is one letter short of danger: Anger is fire It burns the soul Anger is deep sea Drowns one to death Anger is a storm Blows one Out of the world Anger is demon Overpowe...

Thursday, February 16, 2012

निरंतर कह रहा .......: क्या सोचता होगा ?

निरंतर कह रहा .......: क्या सोचता होगा ?: क्या सोचता होगा साज़ ? जब खेलती नहीं ऊँगलिया उससे बजाता नहीं कई दिनों तक उसे कोई निकालता नहीं कोई सुर नया पौंछता नहीं जमी हुयी धूल कोई पूँछता...

निरंतर कह रहा .......: याद रहेंगे सिर्फ कारनामे तुम्हारे

निरंतर कह रहा .......: याद रहेंगे सिर्फ कारनामे तुम्हारे: ना घमंड में चूर रहो ना ही समझो वक़्त यही रहेगा हर दम जब तक है दम में दम सोचते हो झुका दोगे आसमां को भी तुम समझते नहीं किसी को कुछ भी तु...

निरंतर कह रहा .......: हमने ही रोने का कोई बहाना नहीं बनाया

निरंतर कह रहा .......: हमने ही रोने का कोई बहाना नहीं बनाया: हमने ही रोने का कोई बहाना नहीं बनाया जी भर के अश्कों को बहने दिया क्या होता अगर सच को झुठलाते ? हमेशा की तरह कोई बहाना बनाते मन ही मन निरंत...

Monday, February 13, 2012

निरंतर कह रहा .......: चुप रह कर काम चलाऊंगा

निरंतर कह रहा .......: चुप रह कर काम चलाऊंगा: मुझे पसंद आयी हो या नहीं आयी हो तुम्हारी हर बात का उत्तर देना आवश्यक नहीं अगर उत्तर पसंद नहीं आया तुमको पलट कर तुम भी कुछ कहोगे मुझको सिलस...

निरंतर कह रहा .......: यूँ ही नहीं याद करते लोग कबीर,रहीम को

निरंतर कह रहा .......: यूँ ही नहीं याद करते लोग कबीर,रहीम को: यूँ ही नहीं याद करते लोग कबीर , रहीम को लिखना है तो वो बात लिखो जो सब को समझ आ जाए पढ़ा नहीं साहित्य जिसने वो भी समझ जाए ऐसा लिखना पढ़ना कि...

छोटा झूठ,शक ,सत्य ,मन निश्छल मन

मन निश्छल होने के
पश्चात भी ,
एक छोटा सा सत्य ,
शक पैदा कर सकता है ,
बड़ी विपदा ला सकता है ,
ऐसी अवस्था में चुप रहना ही
श्रेयस्कर होता,
जीवन में दूसरों की खुशी के लिए
 बहुत कुछ सहना पड़ता,
जूता पहनने वाला ही जानता है,
जूता कहाँ काटता है,
कदम कदम पर
विश्वास,की कसौटी पर
परखा जाना ,
फिर बेगुनाही के सबूत देने से
अच्छा है, छोटा झूठ बोलना ,
बशर्ते जो भी आप कर रहे हैं
वो उचित और मर्यादाओं की
सीमा में हो .
यह जीवन की त्रासदी है ,
कई लोग इस बात को
जीवन भर समझ नहीं पाते
और कई लोग इस कारण से
मन और ह्रदय में पीड़ा
 सहते रहते
13-02-2012

Sunday, February 12, 2012

निरंतर कह रहा .......: अच्छा हुआ जो फूल के रूप में पैदा नहीं हुआ

निरंतर कह रहा .......: अच्छा हुआ जो फूल के रूप में पैदा नहीं हुआ: बचपन से ही फूल मुझे बहुत पसंद हैं पर पहले सोचता था कितना अच्छा भाग्य होता फूलों का हर आदमी उन्हें चाहता उनकी सुगंध से मदमस्त हो जाता इश...

Saturday, February 11, 2012

निरंतर कह रहा .......: सशक्त कविता का जन्म

निरंतर कह रहा .......: सशक्त कविता का जन्म: जीवन की भट्टी में अनुभव की अग्नि में तपकर सत्य की कलम से शब्द जब आकार लेते तो सशक्त कविता का जन्म होता सच्चे मन से पढने वाले का जीवन न...

निरंतर कह रहा .......: मन को संतुष्ट कर पाने का चैन

निरंतर कह रहा .......: मन को संतुष्ट कर पाने का चैन: कभी सोचता था संसार से जाने के बाद सब मुझे याद करें मेरे गुण गान करें इसी प्रयास में मन को जो अच्छा नहीं लगता था वह सब भी करता रहा लोगों क...

निरंतर कह रहा .......: चाहे मंदिर जाओ या मस्जिद जाओ

निरंतर कह रहा .......: चाहे मंदिर जाओ या मस्जिद जाओ: ना कर्मों की सज़ा होती ना ही कोई पुरस्कार होता केवल परिणाम होता सपनों की दुनिया से बाहर आ जाओ पुरस्कार की चाहत में कुछ ना करो...

निरंतर कह रहा .......: मन को संतुष्ट कर पाने का चैन

निरंतर कह रहा .......: मन को संतुष्ट कर पाने का चैन: कभी सोचता था संसार से जाने के बाद सब मुझे याद करें मेरे गुण गान करें इसी प्रयास में मन को जो अच्छा नहीं लगता था वह सब भी करता रहा लोगो...

"निरंतर" की कलम से.....: तुम्हें बदलना होगा ........

"निरंतर" की कलम से.....: तुम्हें बदलना होगा ........: एक दफनाई हुयी आवाज़ से कम नहीं मेरी आवाज़ कितना भी चिल्लाऊं कोई सुनता ही नहीं निरंतर आवाज़ लगाता हूँ अब तो बदल जाओ सदा इच्छा रखते हो जैसा त...

Friday, February 10, 2012

Nirantar's.......: Sorry

Nirantar's.......: Sorry: No wonder Everybody commits Silly mistakes I am no different Than others I too committed More than many did It is time now To confess In add...

Nirantar's.......: Few words

Nirantar's.......: Few words: Few words Can cause Wonder or a disaster Can make sound More than a bomb Resulting into breakdown Of the heart and mind Few words Can turn...

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -13

निरंतर कह रहा .......: क्षणिकाएं -13: उम्मीद लोगों से उम्मीद नहीं करता हूँ नफरत का सामान इकट्ठा करने का शौक नहीं रखता हूँ ************* खुशी की चाह खुशी की चाह रखने से पहले खुश...

वटवृक्ष: रंग बिरंगी चिड़िया एक दिन बोली मुझसे

वटवृक्ष: रंग बिरंगी चिड़िया एक दिन बोली मुझसे: चिड़िया की उड़ान उसकी मीठी आवाज़ उसके रंग सबको दिखते हैं पर उसकी भी अपनी व्यथा है - रश्मि प्रभा ===================================...

निरंतर कह रहा .......: कली खिल ना सकी

निरंतर कह रहा .......: कली खिल ना सकी: कली खिल ना सकी नियति के आगे लाचार हो गयी प्रभु इच्छा के सामने एक ना चली फूल बन कर महकने की इच्छा पूरी नहीं हुयी सिसकते स...

Thursday, February 9, 2012

निरंतर कह रहा .......: परमात्मा से देखा ना गया

निरंतर कह रहा .......: परमात्मा से देखा ना गया: संसार में आने को बहुत मचल रहा था परमात्मा से देखा ना गया उसे संसार में अतिथी बना कर भेज दिया जाने से पहले उसे समझाया सबसे मिल कर रहना न...

Monday, February 6, 2012

Nirantar's.......: An invisible thread

Nirantar's.......: An invisible thread: An invisible thread Of understanding Connects the two Bind us As none other thing Would do It hangs on mutual Love and affection Care and...

Thursday, February 2, 2012

निरंतर कह रहा .......: तुम्हें बदलना होगा ........

निरंतर कह रहा .......: तुम्हें बदलना होगा ........: एक दफनाई हुयी आवाज़ से कम नहीं मेरी आवाज़ कितना भी चिल्लाऊं कोई सुनता ही नहीं निरंतर आवाज़ लगाता हूँ अब तो बदल जाओ सदा इच्छा रखते हो जैसा तु...

Thursday, January 19, 2012

Nirantar's.......: Fool’s paradise

Nirantar's.......: Fool’s paradise: He wears Expensive clothes Designer coats Dazzling shirts Colorful pants Gold bracelets Diamond studded Watches Stunning ties Italian sh...

निरंतर कह रहा .......: क्यूं हद से गुजर जाते हैं हम ?

निरंतर कह रहा .......: क्यूं हद से गुजर जाते हैं हम ?: क्यूं हद से गुजर जाते हैं हम ? रिश्तों की हद को लांघ जाते है हम तहजीब की हदें पार कर जाते हैं हम खुद की रज़ा को दूसरों की रज़ा समझ लेते है...

Tuesday, January 17, 2012

Nirantar's.......: The truth about friendship

Nirantar's.......: The truth about friendship: Trusting &sharing Listening & saying Helping each other Giving Without expecting Respecting The sentiments Of the other No greed, No h...

Nirantar's.......: End of the journey

Nirantar's.......: End of the journey: He was helpless Lying Unconscious On the bed His face pale Eyes closed Tubes inside the nose Supplying oxygen To Forcibly Keep him ali...

Nirantar's.......: Sharing

Nirantar's.......: Sharing: Sharing is Fulfilling one’s desire To be heard Make others Understand Emotions of the heart The turmoil of the mind One may be old or a...

Nirantar's.......: Love is in deeds,doesn’t exist in words

Nirantar's.......: Love is in deeds,doesn’t exist in words: Love is Togetherness Love is Missing each other Love is Caring for the other Love is Crying and laughing Together Love is Respecting Eac...

Nirantar's.......: People Talk about beauty

Nirantar's.......: People Talk about beauty: People Talk about beauty However, I am confused About which beauty They keep talking Is it the beautiful face? Which Mesmerizes them? Or...